
बिहार के चुनावी रण में अब “वोट फॉर नोट” नहीं बल्कि “नोट फॉर वोट” का दौर लौट आया है। 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होना है, और उससे पहले तेजस्वी यादव ने महिलाओं को खुश करने के लिए बड़ा मास्टरस्ट्रोक चला दिया है।
तेजस्वी बोले — “सरकार बनते ही 14 जनवरी, मकर संक्रांति पर हर बहन के खाते में ₹30,000 भेजेंगे।”
मतलब, अब खिचड़ी के साथ कैश भी सर्व होगा!
‘माई बहिन मान योजना’: वोट की थाली में ममता का तड़का
तेजस्वी ने इसे “माई बहिन मान योजना” नाम दिया है — नाम में भावनात्मक जुड़ाव, और जेब में आर्थिक जुड़ाव। उन्होंने कहा, “मां-बहन मान योजना से हर महिला को पूरे साल के लिए ₹30,000 मिलेंगे।”
(“भाई, अब तो पति लोग भी RJD जॉइन कर लेंगे!”)
किसानों के लिए भी लड्डू और सब्सिडी
तेजस्वी ने किसानों के लिए भी घोषणाओं की झड़ी लगा दी — धान पर ₹300 और गेहूं पर ₹400 अतिरिक्त, सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली।
किसानों ने राहत की सांस ली और कहा — “अब बिजली तो फ्री मिलेगी, बस बिल वाले को मत भेज देना!”
नीतीश-भाजपा पर सीधा वार: ‘बदलाव का मूड है जनता का’
तेजस्वी बोले, “बिहार की जनता बदलाव चाहती है, अब जनता जीत रही है। हम 18 नवंबर को शपथ लेंगे।”
(राजनीतिक गलियारों में फुसफुसाहट – “लगता है कसम खाकर बोले हैं!”)

मीसा भारती ने भी मैदान संभालते हुए कहा — “तेजस्वी को युवाओं और महिलाओं का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है।”
राजनीतिक जानकारों ने इसे “चुनावी ब्रेकअप पैकेज” बताया है — क्योंकि अगर सरकार न बनी, तो “दिल टूटा, पैसा रूका”! फिलहाल, बिहार की सड़कों पर चर्चा यही —“इस बार बहनें वोट नहीं, बैंक अकाउंट देखकर सोचेंगी!”
“पप्पू-टप्पू-अप्पू की तिकड़ी” पर योगी का वार — बिहार चुनाव में बंदरगाथा शुरू
